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Edition : 1 | Volume : 0
Publishing Year : 2026
Langage : Hindi
Publisher : South India Book Traders
Author/s :
Dr. Renu Gangwar
Availability :
Hard Bond
ISBN: XYZ
Publishing Year: 2026
Paper Back
ISBN: XYZPB
Publishing Year: 2026
िक्षा का समग्र उद्देश्य मनुष्य को स्वयं के साथ, परिवार, समाज एवं प्रकृ ति के साथ सामंजस्य बिठाते हुए एक संपूर्ण जीवन जीने में सक्षम बनाना है। इसलिए, इन समस्याओं का समाधान निकालना शिक्षकों का दायित्व है, ताकि मानव समाज अपने इच्छित लक्ष्य को प्राप्त कर सके । इस परिप्रेक्ष्य में, यह जानना आवश्यक हो जाता है कि मनुष्य के लिए क्या मूल्यवान है। प्रौद्योगिकी एक महत्वपूर्ण मानवीय प्रयास है, यह के वल मानव के लिए मूल्यवान समझी जाने वाली चीजों को प्रभावी एवं कुशल तरीके से प्राप्त करने का एक साधन मात्र है। इसलिए, यह तय करना प्रौद्योगिकी के दायरे में नहीं है कि मनुष्य के लिए क्या मूल्यवान है। वह विषय जो श्मनुष्य के लिए क्या मूल्यवान हैश् से संबंधित है, उसे श्मूल्य शिक्षाश् कहा जाता है। इस प्रकार मूल्य हमारे सभी कार्यों का आधार प्रदान करते हैं तथा मूल्यों एवं कौशल के बीच एक अनिवार्य पूरकता है जिसे किसी भी शिक्षा प्रणाली में सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
मानवीय मूल्य और नैतिकता युवाओं को जिम्मेदार, संवेदनशील एवं सिद्धांतवादी वयस्क बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा एवं मार्गदर्शन के माध्यम से बचपन से ही इन मूल्यों को उनमें डालने से उन् एक हें मजबूत नैतिक दिशा-निर्शदे विकसित करने में मदद मिलती है, जो जीवन भर उनके निर्णयों एवं कार्यों का मार्गदर्शन करता है। इससे एक अधिक सामंजस्यपूर्ण और नैतिक समाज का निर्माण होता है। निष्पक्षता, करुणा और न्याय जैसे मूल्यों के बारे में सीखकर युवा समाज में अपनी भूमिका एवं सकारात्मक योगदान देने की अपनी जिम्मेदारी के बारे में अधिक जागरूक हो जाते हैं। आज की दनिु या में, युवाओं को ऑनलाइन नकारात्मकता, साथियों का दबाव और सामाजिक समस्याओं जैसे कई नकारात्मक प्रभावों का सामना करना पड़ता है। नैतिक मूल्य एक मार्गदर्शक शक्ति की तरह काम करते हैं, जो उन् हा हें निकारक व्यवहारों का विरोध करने और जिम्मेदारी भरे फै सले लेने में मदद करते हैं। आत्म-अनुशासन, लचीलापन और कृतज्ञता जैसे नैतिक मूल्य युवाओं को भावनात्मक बुद्धिमत्ता और चुनौतियों से निपटने के लिए तंत्र विकसित करने में मदद करके मानसिक स्वास्थ्य में योगदान करते हैं। मूल्य शिक्षा को प्राथमिकता देकर, हम युवाओं को अधिक लचीला बनने और जीवन की चुनौतियों का अधिक भावनात्मक स्थिरता के साथ सामना करने के लिए सशक्त बना सकते हैं।
Dr. Renu Gangwar

डॉ. रेनू गंगवार का जन्म 1 अप्रैल 1990 को किच्छा, उत्तराखंड में हुआ था। उन्होंने अपनी शिक्षा गोविन्द बल्लभ पन्त कृषि एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर, उत्तराखंड से प्राप्त की, जहाँ से उन्होंने स्रातक, परास्रातक तथा कृषि प्रसार शिक्षा में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की।वर्तमान में डॉ. रेनू गंगवार आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या, उत्तर प्रदेश में 2019 से सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। वे पिछले छह वर्षों से कृषि प्रसार शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रूप से योगदान दे रही हैं।
इसके अतिरिक्त, डॉ. गंगवार को ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव की समन्वयक तथा मीडिया प्रभारी के रूप में कार्य करने का भी महत्त्वपूर्ण अनुभव है। उनकी उत्कृष्ट कार्यक्षमता के लिए उन्हें वर्ष 2022 में आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या (उत्तर प्रदेश) द्वारा सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। लेखन के क्षेत्र में भी डॉ. रेनू गंगवार की उल्लेखनीय उपलब्धियाँ रही हैं, जिसमें उन्होंने प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में 8 शोध पत्र, 10 समीक्षा पत्र, 11 लेख तथा 8 पुस्तक अध्याय प्रकाशित किए हैं।
Table of Contents..
1. शिक्षा एवं मूल्य शिक्षा
2. मूल्य एवं नैतिकता
3. लक्ष्य, दरदू र्शि ता एवं मिशन
4. सिद्धांत एवं दर्शनशास्र
5. आत्मअन्वेषण
6. निर्णयन
7. प्रेरणा
8. संवेदनशीलता, सफलता और निस्वार्थसेवा
9. नैतिक जीवन की केस स्टडी
10. सकारात्मक भावना
11. शरीर, मन एवं आत्मा
12. सन्दर्भ